राधा रानी का लेके सहारा,
प्यारे चलता है जीवन हमारा,
ब्रज रानी का लेके सहारा,
प्यारे चलता है जीवन हमारा।।
उनकी करुणा हुई तो मैं दासी बनी,
उनके संग में चली और मैं उनके भई,
बरसाने में मरना गवारा,
प्यारे चलता है जीवन हमारा।।
श्री जी करुणा करें मेरी बांह गहै,
अपने चरणों में रख मोहे अपनी कहे,
फिर जाऊं कहीं ना दोबारा,
प्यारे चलता है जीवन हमारा।।
रसिकन संग रहुं मुख से राधा कहूं,
और प्यारी के चरणों में शीश धरूं,
‘अभिषेक’ तो अब है तुम्हारा,
प्यारे चलता है जीवन हमारा।।
राधा रानी का लेके सहारा,
प्यारे चलता है जीवन हमारा,
ब्रज रानी का लेके सहारा,
प्यारे चलता है जीवन हमारा।।
स्वर – अभिषेक तिवारी जी।
प्रेषक – ओमप्रकाश पांचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।








