छोटी छोटी बातों पे रोते नहीं है,
बाबा पे भरोसे को खोते नहीं है,
बाबा संभालेगा जैसे हो हालात,
रहता है हर घड़ी हारे के वो साथ,
इसके होते है डरने की क्या बात,
सारा जहाँ इसे कहता दीनानाथ,
रहता है हर घड़ी हारे के वो साथ।।
तर्ज – फूलों का तारों का।
बाबा की नज़र से ना होंगे कभी दूर,
दिखता वो नहीं साथ चलता है ज़रूर,
थामे रखे सदा बाबा दोनों हाथ,
रहता है हर घड़ी हारे के वो साथ,
इसके होते है डरने की क्या बात,
सारा जहाँ इसे कहता दीनानाथ,
रहता है हर घड़ी हारे के वो साथ।।
दुनिया के दिखावे से बचके रहना है,
तेरा है ‘सचिन’ श्याम ये ही कहना है,
सुनता ही आया है सच्चे मन की बात,
रहता है हर घड़ी हारे के वो साथ,
इसके होते है डरने की क्या बात,
सारा जहाँ इसे कहता दीनानाथ,
रहता है हर घड़ी हारे के वो साथ।।
छोटी छोटी बातों पे रोते नहीं है,
बाबा पे भरोसे को खोते नहीं है,
बाबा संभालेगा जैसे हो हालात,
रहता है हर घड़ी हारे के वो साथ,
इसके होते है डरने की क्या बात,
सारा जहाँ इसे कहता दीनानाथ,
रहता है हर घड़ी हारे के वो साथ।।
Singer – Sakshi Agarwal
Lyrics – Sachin Tulsiyan








