गौ माता में सारे देवी,
देवता रहते है,
इनकी सेवा व्यर्थ न जाती,
हर कोई कहते हैं,
गायों की जो सेवा करते है,
हमेशा आगे बढ़ते है।।
तर्ज – लाल दुपट्टा उड़ गया।
गायों की रक्षा के लिये,
विष्णुजी गोपाल बने,
गायों के लिये देवता भी,
गोपी ग्वाल बाल बने,
पूजे सारा संसार, जय गौ मां,
ऋषिमुनि परिवार, जय गौ मां,
गायों की सेवा करने से,
पाप उतरते है,
इनकी सेवा व्यर्थ न जाती,
हर कोई कहते हैं,
गायों की जो सेवा करते है,
हमेशा आगे बढ़ते है।।
धन्य है वो गौ भक़्त जो,
गौशाला बनवाते है,
धन्य है वो भी जो गायों का,
सेवा खर्च उठाते है,
देवो ऐसा वरदान, जय गौ मां,
मैं भी करूं कुछ दान जय गौ मां,
गौ सेवा करने वालों के,
संकट टलते है,
इनकी सेवा व्यर्थ न जाती,
हर कोई कहते हैं,
गायों की जो सेवा करते है,
हमेशा आगे बढ़ते है।।
आओ ये संकल्प करे कि,
गौशाला बढायेंगे,
गायों की रक्षा के लिए सब,
एक जुट हो जायेंगे,
ये है धरम का रूप, जय गौ मां,
ये है पूण्य स्वरूप जय गौ मां,
‘अम्बरीष’ कहता गौ सेवा से,
भाग्य संवरते है,
इनकी सेवा व्यर्थ न जाती,
हर कोई कहते हैं,
गायों की जो सेवा करते है,
हमेशा आगे बढ़ते है।।
गौ माता में सारे देवी,
देवता रहते है,
इनकी सेवा व्यर्थ न जाती,
हर कोई कहते हैं,
गायों की जो सेवा करते है,
हमेशा आगे बढ़ते है।।
Singer – Ambrish Kumar Mumbai
9327754497








