श्याम तुम्हें हम वो कहते है,
किसी से ना जो कहते है,
दर पे बाहर आते आंसू,
ऐसे नहीं बहते है।।
तर्ज – कौन सुनेगा किसको सुनाए।
तुझ पे है विश्वास तभी तो,
तुझको दर्द दिखाते है,
और नहीं तो दुनिया वाले,
दर्द पे नमक लगाते है,
आस पे तेरी ओ सांवरिया,
हंस हंस के हम सहते है,
श्याम तुम्हे हम वो कहते हैं,
किसी से ना जो कहते है।।
हम तो नादां तुम हो भगवन,
जैसे है स्वीकार करो,
रुख नजरों का ना भी टिकाना,
पर हम पर एक बार करो,
खेवनहारा बन जाए तू,
सोच यही खेते है,
श्याम तुम्हे हम वो कहते हैं,
किसी से ना जो कहते है।।
और नहीं लो श्याम परीक्षा,
प्यास दर्श की बुझ जाए,
तू मंजिल हो वो रस्ता बस,
‘निर्मल’ को अब मिल जाए,
गांव दुखों का घर उम्मीदें,
उसमें ही हम रहते है,
श्याम तुम्हे हम वो कहते हैं,
किसी से ना जो कहते है।।
श्याम तुम्हें हम वो कहते है,
किसी से ना जो कहते है,
दर पे बाहर आते आंसू,
ऐसे नहीं बहते है।।
Singer – Sanjay Mittal Ji
Lyrics – Nirmal Jhunjhunwala Ji








