मन मोहन प्यारा,
दर्शन दीजो जी।
दोहा – गजब की बांसुरी बजती थी,
वृंदावन बसैया की,
तारीफ करूँ मुरली की,
या मुरलीधर कन्हैया की।
जहाँ काम ना चलता था,
तीरों और कमानों से,
विजय नटवर की होती थी,
वहां मुरली की तानों से।
मुरली वाले सांवरा,
तू एकर मा कानि देख,
नैना में रमा लूँ तने,
ज्यूँ काजल की रेख।
मन मोहन प्यारा,
दर्शन दीजो जी,
मांगा तो के मांगा,
मैं था से गिरधारी,
मांगा तो के मांगा,
मैं था से गिरधारी।bd।
दर्शन से म्हारा,
पाप कटेला जी,
दर्शन से म्हारा,
पाप कटेला जी,
भवसागर से तिरस्या,
मनमोहन गिरधारी,
मनमोहन प्यारा,
दर्शन दीजो जी,
मांगा तो के मांगा,
मैं था से गिरधारी।bd।
हिवड़ा में म्हारे,
भक्ति भर दीजो जी,
हिवड़ा में म्हारे,
भक्ति भर दीजो जी,
गुणगान करां थारो,
सांवरिया गिरधारी,
मनमोहन प्यारा,
दर्शन दीजो जी,
मांगा तो के मांगा,
मैं था से गिरधारी।bd।
रंग श्याम सलोनो,
मनड़ा में भायो जी,
रंग श्याम सलोनो,
मनड़ा में भायो जी,
सांवरिया रंग दीजो,
मेली चादर या म्हारी,
मनमोहन प्यारा,
दर्शन दीजो जी,
मांगा तो के मांगा,
मैं था से गिरधारी।bd।
‘नंदू’ भगता संग,
श्याम रिझावा जी,
करुणा तो कर दीजो,
बरसे किरपा थारी,
मनमोहन प्यारा,
दर्शन दीजो जी,
मांगा तो के मांगा,
मैं था से गिरधारी।bd।
मन मोहन प्यारा,
दर्शन दीजो जी,
मांगा तो के मांगा,
मैं था से गिरधारी,
मांगा तो के मांगा,
मैं था से गिरधारी।bd।
गायक – रमेश जी शर्मा।








