कुछ अपनी सुना बाबा,
मेरी हरदम सुनाता हूँ,
कैसा है मेरा बाबा,
आज तुमसे बतलाता हूँ।।
तर्ज – आ लौट के आजा।
आओ जरा बैठो मेरे बाबा,
अपना हाल सुनाओ,
अर्जी ना लाया मिलने हूँ आया,
कुछ तो तुम बतलाओ,
मन हल्का करलो आज,
नहीं तुमको सताता हूँ,
कुछ अपनीं सुना बाबा,
मेरी हरदम सुनाता हूँ।।
समय मिले ना तुमको प्रभु अब,
किसमें इतने उलझे,
दर्द मिटाना काम बनाना,
चलता रहे नहीं सुलझे,
तबियत का रखो तुम ध्यान,
मेरी चिंता को जताता हूँ,
कुछ अपनीं सुना बाबा,
मेरी हरदम सुनाता हूँ।।
बोल पड़ा है खाटू वाला,
नैना इनकी गीली,
हाल मेरा ‘पंछी’ ने जो पूछा,
स्वस्थ हुई सब सगली,
आते रहना दरबार,
तुम्हे जब भी बुलाता हूँ,
कुछ अपनीं सुना बाबा,
मेरी हरदम सुनाता हूँ।।
कुछ अपनी सुना बाबा,
मेरी हरदम सुनाता हूँ,
कैसा है मेरा बाबा,
आज तुमसे बतलाता हूँ।।
Singer – Jayant Sarda ‘Jitu’








