सुप्रीम कोर्ट है श्याम तेरा दरबार ये भजन लिरिक्स

सुप्रीम कोर्ट है श्याम तेरा दरबार ये,
अर्जी सुनता सबकी है सरकार ये,
लिख लिख अर्जी देता है संसार ये,
बड़ी अदालत में होती है स्वीकार ये,
सुप्रिम कोर्ट है श्याम तेरा दरबार ये,
अर्जी सुनता सबकी है सरकार ये।।



सालासर थाने में मैंने अजी एक लगाई,

सालासर थाने से वह सुप्रीम कोर्ट में आई,
उस अर्जी का लेता है संज्ञान ये,
अर्जी सुनता सबकी है सरकार ये,
सुप्रिम कोर्ट है श्याम तेरा दरबार ये,
अर्जी सुनता सबकी है सरकार ये।।



खाटू से सम्मन पाया मेरा केस लिस्ट में आया,

उस मेहंदीपुर वाले को मैंने अभीवक्ता करवाया,
करे वकालत बालाजी सरकार ये,
अर्जी सुनता सबकी है सरकार ये,
सुप्रिम कोर्ट है श्याम तेरा दरबार ये,
अर्जी सुनता सबकी है सरकार ये।।



जब हुई प्रोसीडिंग पूरी ये बात समझ में आई,

उस सालासर वाले ने बस धारा एक लगाई,
दिन तारीख मुकर्रर कर दिए श्याम ने,
अर्जी सुनता सबकी है सरकार ये,
सुप्रिम कोर्ट है श्याम तेरा दरबार ये,
अर्जी सुनता सबकी है सरकार ये।।



धारा में प्रावधान ये की उम्र कैद हो जाए,

वो श्याम सलोना मेरा ‘माही’ को सजा सुनाए,
चौबीस घंटे रटे श्याम का नाम ये,
अर्जी सुनता सबकी है सरकार ये,
सुप्रिम कोर्ट है श्याम तेरा दरबार ये,
अर्जी सुनता सबकी है सरकार ये।।



सुप्रीम कोर्ट है श्याम तेरा दरबार ये,

अर्जी सुनता सबकी है सरकार ये,
लिख लिख अर्जी देता है संसार ये,
बड़ी अदालत में होती है स्वीकार ये,
सुप्रिम कोर्ट है श्याम तेरा दरबार ये,
अर्जी सुनता सबकी है सरकार ये।।

स्वर – महेश माहि।


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