ग्यारस की रात है वाह वाह क्या बात है भजन लिरिक्स

ग्यारस की रात है,
वाह वाह क्या बात है,
चमक रहा सर पे चंदा,
रहमत की बरसात है,
ग्यारस की रात हैं।।

तर्ज – मेरी जो लाज है।



मन को चैन मिले,

दरबार तेरे में आके,
रीझे प्रेमी तेरा,
बाबा तेरे भजन सुनाके,
बाबा तेरा क्या ठाठ है,
कीर्तन की रात है,
चमक रहा सर पे चंदा,
रहमत की बरसात है,
ग्यारस की रात हैं।।



हो जाऊं बाबा अर्पण,

तू स्वामी मेरा दर्पण,
श्याम झुलाऊँ झूला,
हो जाए तेरा दर्शन,
गल में बैजंती हार है,
मोरछड़ी तेरे हाथ है,
चमक रहा सर पे चंदा,
रहमत की बरसात है,
ग्यारस की रात हैं।।



खाटू से पहचान है,

दिया शीश का दान है,
तेरे धाम की मिटटी बाबा,
भक्तों की पहचान है,
श्याम कुंड रस धार है,
होती मुलाकात है,
चमक रहा सर पे चंदा,
रहमत की बरसात है,
ग्यारस की रात हैं।।



तेरी दया से बाबा,

ऐसा बना है नाता,
जब भी मैं घबराता,
मेरे लिए तू आता,
‘श्यामसजन’ का प्यार है,
बिखरे जज़्बात है,
चमक रहा सर पे चंदा,
रहमत की बरसात है,
ग्यारस की रात हैं।।



ग्यारस की रात है,

वाह वाह क्या बात है,
चमक रहा सर पे चंदा,
रहमत की बरसात है,
ग्यारस की रात हैं।।

Singer – Sonu Pareek


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें