सुनी रे मैंने श्याम धणी जग में तेरी शान घणी

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सुनी रे मैंने श्याम धणी जग में तेरी शान घणी

सुनी रे मैंने श्याम धणी,
जग में तेरी शान घणी,
जग के हर हारे की,
खाटू में बात बणी,
तू सेठ सेठो का है सांवरा,
जिसने पुकारा एक बार आ गया,
होके बाबा लीले पे सवार आ गया,
लेके जो निशान तेरे द्वार आ गया,
जीता वो ही मान के जो हार आ गया,
मिट्टी वो छुए तो बण जाए रे मणि,
जिसने पुकारा एक बार आ गया,
होके बाबा लीले पे सवार आ गया,
सुनी रे मैंने श्याम धनी,
जग में तेरी शान घणी।।

तर्ज – यारो सब दुआ करो।



हारे के सहारे तेरा,

किस्सा भी कमाल है,
शीश का तू दानी तेरी,
कहीं ना मिसाल है,
ठहरे तेरे आगे भला,
किसकी मजाल है,
उसे क्या हराए कोई,
जिसकी तू ढाल है,
जिसे हो जिताना तेरे मन में ठणी,
जिसने पुकारा एक बार आ गया,
होके बाबा लीले पे सवार आ गया,
सुनी रे मैंने श्याम धनी,
जग में तेरी शान घणी।।



तेरे तीन बाणों के है चर्चे बड़े,

तीनो लोक वाले हाथ जोड़े हैं खड़े,
जो भी तेरे मंदिर की सीढ़ियां चढ़े,
उसपे दुखों का कभी साया ना पड़े,
जिसपे तेरी कृपा की चादर है तनी,
जिसने पुकारा एक बार आ गया,
होके बाबा लीले पे सवार आ गया,
सुनी रे मैंने श्याम धनी,
जग में तेरी शान घणी।।



सौप दी मैंने भी तुझे डोर सांवरे,

चाहे तू नचा ले जिस ओर सांवरे,
कर मेरी अर्जी पर गौर सांवरे,
मेरा ना सहारा कोई और सांवरे,
काँच हूँ बना दे मुझे हीरे की कणि,
जिसने पुकारा एक बार आ गया,
होके बाबा लीले पे सवार आ गया,
सुनी रे मैंने श्याम धनी,
जग में तेरी शान घणी।।



सुनी रे मैंने श्याम धणी,

जग में तेरी शान घणी,
जग के हर हारे की,
खाटू में बात बणी,
तू सेठ सेठो का है सांवरा,
जिसने पुकारा एक बार आ गया,
होके बाबा लीले पे सवार आ गया,
लेके जो निशान तेरे द्वार आ गया,
जीता वो ही मान के जो हार आ गया,
मिट्टी वो छुए तो बण जाए रे मणि,
जिसने पुकारा एक बार आ गया,
होके बाबा लीले पे सवार आ गया,
सुनी रे मैंने श्याम धनी,
जग में तेरी शान घणी।।

स्वर – राम शंकर जी।