नाचे मदन गोपाल बाज रही पायलिया भजन लिरिक्स

नाचे मदन गोपाल,
बाज रही पायलिया,
बाज रही पायलिया,
बाज रही पायलिया,
नाचे मदन गोपाल,
बाज रही पायलिया।।



पग में नूपुर बाजे छम छम,

कान्हा नाचे यशुमति आँगन,
उर वैजन्ती माल,
बाज रही पायलिया,
नाचे मदन गोंपाल,
बाज रही पायलिया।।



श्याम घटा घुँघरारी अलकन,

तीन लोक मनुहारी मुस्कन,
नैना बने विशाल,
बाज रही पायलिया,
नाचे मदन गोंपाल,
बाज रही पायलिया।।



चंचल चितवन बैन रसीले,

निल कमल है कृष्ण छविले,
सांवरिया नन्दलाल,
बाज रही पायलिया,
नाचे मदन गोंपाल,
बाज रही पायलिया।।



परमानन्द मगन ब्रज वासी,

राधा रमण रूप सुख राशि,
सुख सागर गोपाल,
बाज रही पायलिया,
नाचे मदन गोंपाल,
बाज रही पायलिया।।



नाचे मदन गोपाल,

बाज रही पायलिया,
बाज रही पायलिया,
बाज रही पायलिया,
नाचे मदन गोंपाल,
बाज रही पायलिया।।


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