सुनके तेरी पुकार श्याम आएंगे दौड़े होके लीले पे सवार

सुनके तेरी पुकार,
श्याम आएंगे दौड़े होके,
लीले पे सवार,
हिम्मत ना हार,
कर भरोसा श्याम पे,
कर भरोसा,
कर भरोसा श्याम पे,
कर भरोसा।।

तर्ज – चल चला चल फकीरा।



तूफा आने दे कैसा भी,

तू क्यों चिंता करता है,
चिंता हरने वाला तो तेरे,
साथ सदा ही रहता है,
चिंतन उसका तू कर,
और विश्वास कर,
हरे चिंता को तेरी वो तो,
सूबह और शाम,
हिम्मत ना हार,
कर भरोसा श्याम पे,
कर भरोसा,
कर भरोसा श्याम पे,
कर भरोसा।।



तू क्या जाने भक्त के खातिर,

क्या से क्या कर देते है,
तू जो मांगे एक ख़ुशी वो,
लाखो से भर देते है,
तू भी कह के तो देख,
इनके खेल अनेक,
वो तो भरे तेरे जीवन में,
सुखो का भंडार,
हिम्मत ना हार,
कर भरोसा श्याम पे,
कर भरोसा,
कर भरोसा श्याम पे,
कर भरोसा।।



रचना है सब इनकी पगले,

इनकी ही सब माया है,
जल थल वायु अग्नि अम्बर,
इसने ही तो रचाया है,
इनकी शक्ति अपार,
जिसका पाया ना पार,
‘निर्मल’ कहता है,
चलो बाबा श्याम जी के द्वार,
हिम्मत ना हार,
कर भरोसा श्याम पे,
कर भरोसा,
कर भरोसा श्याम पे,
कर भरोसा।।



सुनके तेरी पुकार,

श्याम आएंगे दौड़े होके,
लीले पे सवार,
हिम्मत ना हार,
कर भरोसा श्याम पे,
कर भरोसा,
कर भरोसा श्याम पे,
कर भरोसा।।


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