म्हारे श्याम धनि री भोत मन में आवे म्हारा साथीड़ा लिरिक्स

म्हारे श्याम धनि री भोत मन में,
आवे म्हारा साथीड़ा,
आवे म्हारा साथीड़ा,
म्हाने खाटू में ले चालो जी।।



गंगा भी नहाया म्हे तो,

जमुना भी नहाया,
म्हारे श्याम कुंड री घणी मन में,
आवे म्हारा साथीड़ा,
म्हाने खाटू ले चालो जी।।



रात ने सोउ तो मने

नींद कोणी आवे,
म्हारो मंदरिये में जिव,
उड़ उड़ जावे महारा साथीड़ा,
म्हाने खाटू ले चालो जी।।



लाडू भी खाया म्हे तो,

पेड़ा भी खाया,
म्हारे चूरमा री घनी मन में,
आवे म्हारा साथीड़ा,
म्हाने खाटू ले चालो जी।।



ढोलक बाजे,

मजीरा भी बाजे,
म्हारे नाचवा री घणी मन में,
आवे म्हारा साथीड़ा,
म्हाने खाटू ले चालो जी।।



सोहनलाल का,

भजन सुनाला,
म्हारे भजना री भोत मन में,
आवे म्हारा साथीड़ा,
म्हाने खाटू ले चालो जी।।



म्हारे श्याम धनि री भोत मन में,

आवे म्हारा साथीड़ा,
आवे म्हारा साथीड़ा,
म्हाने खाटू में ले चालो जी।।

Singer – Kundan Mishra
Upload – Chandra Shekhar Sharma
9602437944


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