प्रथम पेज राजस्थानी भजन सिया राम जी का डंका लंका में बजवा दिया बजरंग बाला ने

सिया राम जी का डंका लंका में बजवा दिया बजरंग बाला ने

सिया राम जी का डंका लंका में,
बजवा दिया बजरंग बाला ने,
बजवा दिया बजरंग बाला ने,
वो माँ अंजनी के लाला ने,
सिया राम जी का डंका लंका मे,
बजवा दिया बजरंग बाला ने।।

तर्ज – दिल लूटने वाले जादूगर।



सूती मंडोतरी सपनो आयो,

सपनो विस्वा विस रे
कूदता देखिया रीछ बानरा ने,
कटता देखिया सीस रे,
सिया राम जी का डंका लंका मे,
बजवा दिया बजरंग बाला ने।।



केवे मंदोतरी सुन पिया रावण,

आ कई कुबुद्ध कमाई रे,
तीन लोक री सीता माँ जानकी,
ज्याने तू हर लाइ रे,
सिया राम जी का डंका लंका मे,
बजवा दिया बजरंग बाला ने।।



मेघनाथ सा पुत्र हमारे,

कुम्भकरण सा भाई रे,
लंका सरीका कोट हमारे,
साथ समुद्र आडी खाई रे,
सिया राम जी का डंका लंका मे,
बजवा दिया बजरंग बाला ने।।



हनुमान सा पायक उनके,

लक्ष्मण जैसा भाई रे,
जलती अग्न में कूद पड़े वो,
कोट गिने ना खाई रे,
सिया राम जी का डंका लंका मे,
बजवा दिया बजरंग बाला ने।।



रावण मार राम घरे आये,

घर घर बटत बधाई रे,
सुनीजन मुनिजन आरती उतारे,
तुलसीदास जस गाई जी,
सिया राम जी का डंका लंका मे,
बजवा दिया बजरंग बाला ने।।



सिया राम जी का डंका लंका में,

बजवा दिया बजरंग बाला ने,
बजवा दिया बजरंग बाला ने,
वो माँ अंजनी के लाला ने,
सिया राम जी का डंका लंका मे,
बजवा दिया बजरंग बाला ने।।

Singer : Shyam Paliwal


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