गवरी रा लाल गणेश ए अमीया रा लाल गणेश

गवरी रा लाल गणेश,
ए अमीया रा लाल गणेश,
सिवरू भई संतो मनावो भाईडा,
अमीया रा लाल गणेश,
सिवरू भई संतों मनावो भाईडा,
मगरो में लाल गणेश।।



मूल कमल माई आसन लागो रे,

मूल कमल माई आसन लागो रे,
अरे पेरन पिता परवेश,
अरे पेरन पिता परवेश,
सिवरू भई संतो मनावो भाईडा,
अमीया रा लाल गणेश,
सिवरू भई संतों मनावो भाईडा,
मगरो में लाल गणेश।।



जो सिवरे वो सदा सुख पावे रे,

जो सिवरे वो सदा सुख पावे रे,
वो ही तो जावेला गणेश,
वो ही तो जावेला गणेश,
सिवरू भई संतो मनावो भाईडा,
अमीया रा लाल गणेश,
सिवरू भई संतों मनावो भाईडा,
मगरो में लाल गणेश।।



ए सौभ्य शब्द संतो सही कर लेना रे,

अरे सौभ्य शब्द संतो सही कर लेना रे,
ओ सिवरा मे देव गणेश,
सिवरा मे देव गणेश,
सिवरू भई संतो मनावो भाईडा,
अमीया रा लाल गणेश,
सिवरू भई संतों मनावो भाईडा,
मगरो में लाल गणेश।।



मंगलगिरी कहे सुनो भई सादो रे,

अरे मंगलगिरी कहे सुनो भई सादो रे,
अरे भजन किया आवो मारी वेल,
अरे भजन किया आवो मारी वेल,
सिवरू भई संतो मनावो भाईडा,
अमीया रा लाल गणेश,
सिवरू भई संतों मनावो भाईडा,
मगरो में लाल गणेश।।



गवरी रा लाल गणेश,

ए अमीया रा लाल गणेश,
सिवरू भई संतो मनावो भाईडा,
अमीया रा लाल गणेश,
सिवरू भई संतों मनावो भाईडा,
मगरो में लाल गणेश।।

गायक – धुलसिह जी कडिवाल।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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