श्याम श्री श्याम श्री श्याम जय जय श्याम भजन लिरिक्स

श्याम श्री श्याम,
श्रीं श्याम जय जय श्याम।।

तर्ज – मंगल भवन अमंगलहारी।



नंद के नंदन गोवर्धन धारी,

करहू कृपा प्रभु कृष्ण मुरारी।
श्याम श्रीं श्याम,
श्रीं श्याम जय जय श्याम।।



जय जशोमति के कुंवर कन्हैया,

द्रोपदी के तुम लाज बचईया।
श्याम श्रीं श्याम,
श्रीं श्याम जय जय श्याम।।



त्रास निवारक भय भवहारी,

दुष्ट दलन संतन हितकारी।
श्याम श्रीं श्याम,
श्रीं श्याम जय जय श्याम।।



अर्जुन को गीता पढ़वाए,

दुर्योधन का मान घटाए।
श्याम श्रीं श्याम,
श्रीं श्याम जय जय श्याम।।



मोर मुकुट पीताम्बर धारी,

शोभा वरणी ना जाए तुम्हारी।
श्याम श्रीं श्याम,
श्रीं श्याम जय जय श्याम।।



दोहा – दान शीश का तुम ना देते अगर,

दरबार तेरा ये पावन यूँ सजता नहीं,
और हारो के सहारे ना बनते अगर,
तेरी चौखट पे यूँ मेला लगता नहीं।

श्याम श्री श्याम,
श्रीं श्याम जय जय श्याम।।

स्वर – श्री लखबीर सिंह लख्खा जी।


आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें