श्याम की उंगली पकड़ के चलूँ भजन लिरिक्स

श्याम की उंगली पकड़ के चलूँ,
श्याम की रहमत पे मैं पलूँ,
मेरे साथ है दिन रात मेरा सांवरा,
मेरे साथ है दिन रात मेरा सांवरा।।

तर्ज – श्याम मैं तेरा लाडला।



हारे का सहारा ये मेरा श्याम है,

शीश का ये दानी दाता महान है,
इनकी कृपा से चले मेरा कारोबार,
ये ही पालते है अब मेरा परिवार,
इनका नाम लेके सारे काम मैं करूँ,
श्याम की उँगली पकड़ के चलूँ।।



मेरे दिल में क्या है सब जानते है ये,

मेरी सभी बातों को मानते है ये,
खुश रहूँ मैं सदा चाहते है ये,
मेरी सब मुश्किलें टालते है ये,
इनके उपकारों पे मैं अब जियूं,
श्याम की उँगली पकड़ के चलूँ।।



बदहाल था मैं निहाल हो गया,

इतनी मिली खुशियाँ मालामाल हो गया,
मुझपे मेरे श्याम का है बड़ा करम,
इनकी भक्ति से सुधर गया मेरा जनम,
श्याम भक्ति में सदा ‘राजेश’ ये कहूँ,
श्याम की उँगली पकड़ के चलूँ।।



श्याम की उंगली पकड़ के चलूँ,

श्याम की रहमत पे मैं पलूँ,
मेरे साथ है दिन रात मेरा सांवरा,
मेरे साथ है दिन रात मेरा सांवरा।।

Singer – Aparna Mishra


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