सज धज के बैठी है माँ लागे सेठानी भजन लिरिक्स

सज धज के बैठी है माँ,
लागे सेठानी,
लागे सेठानी ओ मेरी माँ,
लागे सेठानी,
सज धज के बैठी है मां,
लागे सेठानी।।



किसने मैया जी तेरी चुनरी बनाई,

किसने मैया जी तेरी चुनरी बनाई,
चुनरी बनाई तेरे सिर पे सजाई,
चुनरी में तार हजार,
लागे सेठानी,
सज धज के बैठी है मां,
लागे सेठानी।।



किसने मैया जी तेरी पायल बनाई,

किसने मैया जी तेरी पायल बनाई,
पायल बनाई तेरे पैरो में पहनाई,
पायल में घुंघरू हजार,
लागे सेठानी,
सज धज के बैठी है मां,
लागे सेठानी।।



किन किन हाथों में मैया मेहंदी लगाऊं,

किन किन हाथों में मैया मेहंदी लगाऊं,
मेहंदी लगाऊं तेरे हाथों में रचाऊं,
मैया जी के हाथ है हजार,
लागे सेठानी,
सज धज के बैठी है मां,
लागे सेठानी।।



मेरी माता के नवराते है आए,

मेरी मैया के नवराते है आए,
सब मिलकर माँ की ज्योति जगाए,
‘रवि’ लगाए जय जयकार,
लागे सेठानी,
सज धज के बैठी है मां,
लागे सेठानी।।



सज धज के बैठी है माँ,

लागे सेठानी,
लागे सेठानी ओ मेरी माँ,
लागे सेठानी,
सज धज के बैठी है मां,
लागे सेठानी।।

Singer – Ravi Trivedi