पुरबजी इण रे अवसरीये वेगा आवजो भजन लिरिक्स

पुरबजी इण रे अवसरीये वेगा आवजो,
पुरबजी इन रे अवसरीये वेगा आवजो,
ओ थेतो आवो ओ भगतो रा बीरू आवजो,
मारा कुलरा देवा,
इन रे अवसरीये वेगा आवजो।।



अरे पुरबजी जमलो देरावु थारे नाम रो,

पुरबजी जमलो देरावु थारे नाम रो,
ओ थेतो जागन माय वेगा वेगा आवो,
ओ भगतो रा बीरू आप ओ मारा कुलरा देवा,
इन रे अवसरीये वेगा आवजो।।



अरे पुरबजी काका बाबा ओ थोने अरज करे,

पुरबजी काका भाबा ओ थोने अरज करे,
ओ थेतो राखो मारे कुल री कोई लाज,
ओ भगतो रा बीरू लाज ओ मुक्ति रा दाता,
इन रे अवसरीये वेगा आवजो।।



अरे पुरबजी बेनड ऊबोडी थोने अरज करे,

अरे पुरबजी बेनड ऊबोडी थोने अरज करे,
ओ थेतो राखो मारे चुनडी वाली लाज,
भगतो रा बीरू लाज ओ मुक्ति रा दाता,
इन रे अवसरीये वेगा आवजो।।



अरे पुरबजी धुप ने धूपेडा करू आरती,

पुरबजी धूप ने धूपेडा करू आरती,
ओ थेतो आरतीयो मे वेगा वेगा आवजो,
भगतो रा बीरू आवो ओ मारा कुलरा देवा,
इन रे अवसरीये वेगा आवजो।।



अरे पुरबजी आज रा जागन मे वेगा आवजो,

पुरबजी आज रा जागन मे वेगा आवजो,
ए थेतो घोडे चढेने वेगा आवजो पुरबजी मारा,
आवजो मारा कुलरा देवा,
इन रे अवसरीये वेगा आवजो।।



अरे पुरबजी चुटीयो सोवे ओ थोरा हाथ में,

अरे पुरबजी चुटीयो सोवे ओ थोरा हाथ में,
ओ थेतो पेरो पेरो केसरिया पाग,
ओ भगतो रा बीरू पाग ओ मुक्ति रा दाता,
इन रे अवसरीये वेगा आवजो।।



अरे पुरबजी शंकर गावे ओ थोरा गीतडा,

पुरबजी शंकर गावे ओ थोरा गीतडा,
अरे ओतो गावे गावे हरिगुन मंगल आज,
ओ भगतो रा बीरू आज ओ मुक्ति रा दाता,
इन रे अवसरीये वेगा आवजो।।



पुरबजी इण रे अवसरीये वेगा आवजो,

पुरबजी इन रे अवसरीये वेगा आवजो,
ओ थेतो आवो ओ भगतो रा बीरू आवजो,
मारा कुलरा देवा,
इन रे अवसरीये वेगा आवजो।।

गायक – शंकर जी टाक।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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