क्या वह स्वभाव पहला सरकार अब नहीं है भजन लिरिक्स
क्या वह स्वभाव पहला, सरकार अब नहीं है, दीनों के वास्ते क्या, दरबार अब नहीं है।। या तो दयालु मेरी, ...
Read moreDetailsक्या वह स्वभाव पहला, सरकार अब नहीं है, दीनों के वास्ते क्या, दरबार अब नहीं है।। या तो दयालु मेरी, ...
Read moreDetailsहो अगर रहमत जो तेरी साँवरे, जख्म दिल का हर कोई भर जाएगा, दूर सब कोई नही है पास में, ...
Read moreDetailsमाँ संतोषी दरबार, मैया आ जाओ एक बार, मैया आ जाओ मैया आ जाओ, तेरी राह निहारु दिन रात, मैया ...
Read moreDetailsमंदिर खोलो बाबा, दोहा - बाटड़ल्या थारी जोवती, म्हारी आंखड़ल्या दिन रात, भक्ता उडिक साँवरा, तो कोई करल्या मनड़ा री ...
Read moreDetailsधर्मी वहाँ मेरा हंस रहवाया, दोहा - कहे सन्त सगराम, राम ने भूलू कीकर, भूलियो भुंडी होय, माजनो जासी भीखर। ...
Read moreDetailsवीणा वाली माँ शारदे, वीणा तुम बजा देना, मैया अपनी वीणा से, जरा रस बरसा देना।। तर्ज - तुम तो ...
Read moreDetailsआओ घर को सजा दे, गुलशन सा, आओ घर को सजा दे, गुलशन सा, मेरे बाबोसा आने वाले है, कलियाँ ...
Read moreDetailsसांवरे को अगर दिल से, पुकारो दौड़ा आएगा, तेरी राहों से कांटे चुन, वो फूलों से सजा देगा, साँवरे को ...
Read moreDetailsजिस पल भी राधे, भूलूँ मैं तुमको, मेरी जिंदगी की वो, अंतिम घड़ी हो।। तर्ज - तुम्ही मेरे मंदिर। तेरा ...
Read moreDetailsशिव के प्यारे गणेश, काटो विघ्न कलेश, मेरे अंगना पधारो, मैं तर जाऊंगा, इक दया की नजर, आप कर दो ...
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