सज गयी खाटू नगरी शोभा अपरम्पार है भजन लिरिक्स
सज गयी खाटू नगरी, शोभा अपरम्पार है, बैठा सजधज के देखो, मेरा लखदातार है, उमड़ी जन्मदिवस पर, भगतों की कतार ...
Read moreDetailsसज गयी खाटू नगरी, शोभा अपरम्पार है, बैठा सजधज के देखो, मेरा लखदातार है, उमड़ी जन्मदिवस पर, भगतों की कतार ...
Read moreDetailsश्याम पधारे हैं, हमारे घर श्याम पधारे है, खुशी जहाँ की मिली आज तो, जागे भाग हमारे है, श्याम पधारे ...
Read moreDetailsपावन ये द्वारा है, सबसे निराला है, तेरे चरणों में झुकता, संसार सारा है, मैं भी आया हूँ दरबार, माँ ...
Read moreDetailsतुलसी सुमर संसार सार दे, तीनों वर्णों से ये, तीन लोक तार दे।। तर्ज - पलकों का घर तैयार सांवरे। ...
Read moreDetailsधिन गुरु देवो वचन परवाणी, दोहा - सतगुरु जी को वंदना, कोटि कोटि प्रणाम, कीट न जाणे भृङ्ग का, गुरु ...
Read moreDetailsजानो पड़सी रे पंछी, दोहा - यो मैलो संसार रो, अटे आवण जावण कि रित, ऐसी करणी कर चलो बिरा, ...
Read moreDetailsमुनिराज जी तपधारी, पहाडों में भक्ति थे किनी, शमशेर गिरिजी तपधारी, पहाडों मे भक्ति थे किनी, मुनिंराज जी तपधारी रे ...
Read moreDetailsराम गुण ऐसे गाणा रे, दोहा - नाथ उन्ही को जानिये, नाथे पांचों भूत, श्री लादुनाथ मन नाथ के, जोगी ...
Read moreDetailsगैया के प्राण पुकार रहे, गोविन्द बिन कौन सहाय करे।। तर्ज - जिस भजन में राम का। बेटे को काँटा ...
Read moreDetailsऐसो रास रच्यो वृन्दावन, है रही पायल की झंकार।। घुंघरू खूब छमा छ्म बाजे, बजते बिछुवा बहुते बाजे, रवा कौंधनी ...
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