हे त्रिपुरारी गंगाधरी सृष्टि के आधार भजन लिरिक्स
हे त्रिपुरारी गंगाधरी, सृष्टि के आधार, शंकर किरपा करुणाकार, भोले किरपा करुणाकार।। तर्ज - हे दुःख भंजन। शिव शंकर है ...
Read moreDetailsहे त्रिपुरारी गंगाधरी, सृष्टि के आधार, शंकर किरपा करुणाकार, भोले किरपा करुणाकार।। तर्ज - हे दुःख भंजन। शिव शंकर है ...
Read moreDetailsनाथजी री अवलुडी में, कलपे कालजियों, ओतो दर्शन ने तडपे दौनु नैन, सिरेमंदर जावुला, म्हारा रोम रोम होग्या नैन, सिरेमंदर ...
Read moreDetailsएकली ने घेरी वन में आज, श्याम तने कैसी ठानी रे।। श्याम मोहे वृंदावन जानो, लौटकर बरसाने आनो, मेरी कर ...
Read moreDetailsपरदेसी परदेसी चला गया, पिंजरा तोड़ के, पिंजरा तोड़ के, फिर कैसे रिश्ते नाते, कैसी ये माया, तेरे ही अपनो ...
Read moreDetailsतू राधे राधे गाले, और झूम ले मस्ती में, छोटा सा घर बना ले, गोविन्द की बस्ती, तु राधें राधें ...
Read moreDetailsकान्हा से कह दो कोई, मेरे दिल का हाल जाके, अंखियो से बाहे दरिया, अंखियो से बाहे दरिया, दिल बेक़रार ...
Read moreDetailsदिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका। दोहा - तेरी सूरत को जबसे देखा, बेहोश हुए मदहोश हुए, अब ...
Read moreDetailsहठ पकड़े नंदलाला, मैया री मोहे चंदा ला दे, चँदा ला दे चँदा ला दे चँदा ला दे, हठ पकडे ...
Read moreDetailsबाबा तेरी अमर कथा, वेदों ने बखानी है, मैं दर का भिखारी हूँ, तू तो शीश का दानी है, बाबा ...
Read moreDetailsओ बाबा श्याम, पलका थारी खोलो जी, इक बार मुखड़े से बोलो जी, इक बार मुखड़े से बोलो जी, ओं ...
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