भव सु पार उतारो गुरासा भजन लिरिक्स
भव सु पार उतारो गुरासा, बंधीयो जीव मारो अशुभ कर्म में, बंधीयो जीव मारो अशुभ कर्म मे, माया रो बंधीयो ...
Read moreDetailsभव सु पार उतारो गुरासा, बंधीयो जीव मारो अशुभ कर्म में, बंधीयो जीव मारो अशुभ कर्म मे, माया रो बंधीयो ...
Read moreDetailsढिबरा झुंजार जी रा, परचा भरपूर बावजी, ढिबरा झुंजार जी रा, ए परचा भरपूर, ए सिवरे जनो रे धणी, हाथ ...
Read moreDetailsयूँ ही नहीं ऐसे खाटू में, दीनो का मेला लगता है, जग छोड़े जिसे मेरा बाबा उसे, पलकों पे बिठाये ...
Read moreDetailsलक्ष्मी जी वारो नजर उतारो, आज मेरे बाबा घर आए है, आज मेरे बाबा घर आए है।। तर्ज - चोख ...
Read moreDetailsमुझे ऐसे लो जी थाम के तेरा हो जाऊं, ऐसे रंग में रंग दो श्याम के तेरा हो जाऊं।। तर्ज ...
Read moreDetailsसायल मारी साम्भलो थे, अजमल घर अवतारी ओ, एकर दर्श दिखावो माने, निकलंक नेजाधारी ओ, एकर दर्श दिखावो माने, निकलंक ...
Read moreDetailsम्हारा बाबा दुखडा मिटावन, वेगा आवजो, अजमल लाला अब मती, देर लगावजो, मारा बाबा दुखडा मिटावन, वेगा आवजो।। घणी जगह ...
Read moreDetailsआतो खेड़ा वाली नगरी, माने घणी रूपाली लग री, आतो खेडा वाली नगरी, माने घणी रूपाली लग री, रामदेव परचा ...
Read moreDetailsबाबा करले तू इत्थे भी नजर, भगत कोई रोता होवेगा, आया होगा हार के वो हर डगर, आया होगा हार ...
Read moreDetailsमैंने जब से मेरे सांवरिया, गुणगान तुम्हारा गाया है, तब से जीवन के हर पथ पे, मैंने साथ तुम्हारा पाया ...
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