प्रथम पेज प्रकाश माली भजन पाप थारा परखाव धाड़ेजा धर्म थारो सम्भाल रे

पाप थारा परखाव धाड़ेजा धर्म थारो सम्भाल रे

पाप थारा परखाव धाड़ेजा,
धर्म थारो सम्भाल रे ओ जी,
थारी देहडी ने डूबवा नही देवु,
थारी नावडी ने डूबवा नही देवु,
धाडेचा रे तोरल यु कहे जी।।



पाप थारा परखाव धाडेजा,

धर्म थारो सम्भाल रे ओ जी,
थारी देहडी ने डूबवा नही देवु,
थारी नावडी ने डूबवा नही देवु,
धाडेचा रे तोरल यु कहे जी,
हे जी रे थोडी सरवर री पाल सती रानी,
थोडी सरवर री पाल रे,
मै तो चुगता मोरिया ने मारीयो,
मै तो चुगता मोरिया ने मारीयो,
तोलादे रे जैसल यु कहे जी।।



पाप थारा परखाव धाडेजा,

धर्म थारो सम्भाल रे ओ जी,
थारी देहडी ने डूबवा नही देवु,
थारी नावडी ने डूबवा नही देवु,
धाडेचा रे तोरल यु कहे जी,
हे जी रे हिरण मारीया लख चार रे,
सती रानी हिरण मारीया लख चार रे,
मै तो गौ धन तिरसा मारीयो,
ओ जी मै तो गौ धन तिरसा मारीयो,
तोलादे रे जैसल यु कहे जी।।



पाप थारा परखाव धाडेजा,

धर्म थारो सम्भाल रे ओ जी,
थारी देहडी ने डूबवा नही देवु,
थारी नावडी ने डूबवा नही देवु,
धाडेचा रे तोरल यु कहे जी,
हे जी रे लूटी कवारी जान सती रानी,
लूटतो कवारी जान रे मै तो,
सात सौ मोडबंध मारीया ओ जी,
मै तो सात सौ मोडबंध मारीया,
तोलादे रे जैसल यु कहे जी।।



पाप थारा परखाव धाडेजा,

धर्म थारो सम्भाल रे ओ जी,
थारी देहडी ने डूबवा नही देवु,
थारी नावडी ने डूबवा नही देवु,
धाडेचा रे तोरल यु कहे जी,
हे जी रे काटी पीपल री डाल रे,
सती रानी काटतो पीपल री डाल,
मै तो सगा भान्जा ने मारीयो ओ जी,
मै तो सगा भान्जा ने मारीयो,
तोलादे रे जैसल यु कहे जी।।



पाप थारा परखाव धाडेजा,

धर्म थारो सम्भाल रे ओ जी,
थारी देहडी ने डूबवा नही देवु,
थारी नावडी ने डूबवा नही देवु,
धाडेचा रे तोरल यु कहे जी,
हे जी रे तन पर जितरा बाल सती रानी,
तन पर जितरा बाल सती रानी,
मै तो इतरा पाप जग में किया ओ जी,
मै तो इतरा पाप जग में किया,
तोलादे रे जैसल यु कहे जी।



पाप कियोडा परखाया है जैसल राजा,

पाप कियोडा परखाया है ओ जी,
एतो पाप रे काया ने वाला जड पड्या,
एतो पाप रे काया ने वाला जड पड्या,
धाडेचा रे तोरल यु कहे जी,
हे जी रे बोले तोलादे नार जैसल राजा,
बोले तोलादे नार जैसल राजा,
थेतो हरि भगती मे लागजो ओ जी,
थेतो हरि भगती मे लागजो,
धाडेचा रे तोरल यु कहे ओ जी।।



पाप थारा परखाव धाड़ेजा,

धर्म थारो सम्भाल रे ओ जी,
थारी देहडी ने डूबवा नही देवु,
थारी नावडी ने डूबवा नही देवु,
धाडेचा रे तोरल यु कहे जी।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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