काया कुटिया निराली जमाने भर से भजन लिरिक्स
काया कुटिया निराली, जमाने भर से, दस दरवाजे वाली, जमाने भर से।। सबसे सुन्दर आँख की खिड़की, जिसमें पुतली काली, ...
Read moreDetailsकाया कुटिया निराली, जमाने भर से, दस दरवाजे वाली, जमाने भर से।। सबसे सुन्दर आँख की खिड़की, जिसमें पुतली काली, ...
Read moreDetailsश्याम के द्वार चलो, भरोसा कर लो तुम साथ निभाएगा, सितारों की दुनिया में तुमको ले जाएगा, कर लो मेरा ...
Read moreDetailsमेलो श्याम धणी को लागे, भक्तो सुरजगढ के माय, सुरजगढ के माय, श्याम के मंदरीये के माय, मेलों श्याम धणी ...
Read moreDetailsमेरी खुला लाटरी बाबा, दर पे धूम मचाऊंगी। मैं बड़ी दूर ते आयी, मैं हरियाणा ते आयी, मै बड़ी दूर ...
Read moreDetailsकर जोड़ खड़ी तेरे द्वार पड़ी, मेरी सुण लेवो पुकार, लीले घोड़े वाला हो ज्या लीले असवार।। ताती तवसी धरती, ...
Read moreDetailsद्वापुर में कृष्ण चंद जी, किया प्रभु ने याद, आओ विश्वकर्मा स्वामी, भवन बना दो आलिशान।। जराचन्द तो अन्याय करे, ...
Read moreDetailsविश्वकर्मा स्वामी, दोहा - विष्णु से विश्वकर्मा भया, प्रभु दिनों शिल्प कला रो ज्ञान, आंखे मूंद कला दर्शाई, जा रो ...
Read moreDetailsबार बार करू अरज विनती, श्री विश्वकर्मा प्रभु ने, म्हारी अरज सुणो महाराज, चरण रो चाकर थारो मैं।। जगकर्ता, जगभर्ता ...
Read moreDetailsजांबा और जांगलु माही भरिया रे नाडिया, मोतीड़ा चुगता हंसा ने निरखण चालो सा।। मैं म्हारा साथीडा़ जावां ला जांगलु, ...
Read moreDetailsमिन्दर थारो सोवनो ब्रम्हाणी ओ, दोहा - देवा मे देवी बडी, बडी है ब्राम्हणी मात, हाथ जोड अरज करूँ, मैया ...
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