रखना सुहागन गौरी शंकर,
अमर रहे सिंदूर,
सुहागन ये वर मांगे,
रहे सलामत जोड़ी हमारी,
इतना ही बस चाहूं,
सुहागन ये वर मांगे,
सुहागन ये वर मांगे।।
तर्ज – मिलो ना तुम तो।
अमर रहे मेरे,
माथे की बिंदिया भोलेनाथ जी,
गौरी मैया के जैसे,
मांग सजाऊं भोलेनाथ जी,
घर आंगन महके खुशियों से,
इतना ही बस चाहूं,
सुहागन ये वर मांगे,
सुहागन ये वर मांगे।।
अमर रहे मेरे,
हाथों का कंगना भोलेनाथ जी,
खन खन खनकती चूड़ी,
मेहंदी रचाऊं भोलेनाथ जी,
सुख से बीते जीवन सारा,
इतना ही बस चाहूं,
सुहागन ये वर मांगे,
सुहागन ये वर मांगे।।
मेरा सुहाग ही तो,
मेरा संसार भोलेनाथ जी,
इनकी सांसों में बसते,
मेरे भी प्राण भोलेनाथ जी,
आंच कभी ना इन पर आए,
इतना ही बस चाहूं,
सुहागन ये वर मांगे,
सुहागन ये वर मांगे।।
बातें ये मन की भोले,
तुमसे कही है मैंने आज जी,
मरते दम तक भोले,
छूटे कभी ना मेरा साथ जी,
जन्म जन्म तक उनकी रहूं मैं,
इतना ही बस चाहूं,
सुहागन ये वर मांगे,
सुहागन ये वर मांगे।।
रखना सुहागन गौरी शंकर,
अमर रहे सिंदूर,
सुहागन ये वर मांगे,
रहे सलामत जोड़ी हमारी,
इतना ही बस चाहूं,
सुहागन ये वर मांगे,
सुहागन ये वर मांगे।।
🎤 Singer – Smrati Mourya
✍️ Lyrics – Shekhar Mourya
🎼 Music & Mix – Bhajan Diary YT Team








