ओ रे खाटू वाले खाटू बुलाले भजन लिरिक्स

ओ रे खाटू वाले खाटू बुलाले,
दर्शन बिना नहीं कटते,
दर्शन बिना नहीं कटते,
दिन ये हमारे,
ओ रे खाटु वाले खाटु बुलाले,
ओ रे खाटु वाले खाटु बुलाले।।

तर्ज – नहीं चाहिए दिल दुखाना।



महीना के महीना बाबा बीत गए है,

अँखियों से अब तो मेरे नीर बहे है,
अब तो दया कर दो ना,
अब तो दया कर दो ना,
सेवक तुम्हारे,
ओ रे खाटु वाले खाटु बुलाले,
ओ रे खाटु वाले खाटु बुलाले।।



झूठा है जग ये सारा किसको बताए,

दिल की लगी को बाबा किसको सुनाए,
हार के बैठा हूँ मैं,
हार के बैठा हूँ मैं,
तेरे सहारे,
ओ रे खाटु वाले खाटु बुलाले,
ओ रे खाटु वाले खाटु बुलाले।।



करूँ शुक्रिया मैं तेरा अबतक निभाया,

भक्तों का तुमने बाबा काम बनाया,
‘गौरव’ की नैया है अब,
‘गौरव’ की नैया है अब,
तेरे हवाले,
ओ रे खाटु वाले खाटु बुलाले,
ओ रे खाटु वाले खाटु बुलाले।।



ओ रे खाटू वाले खाटू बुलाले,

दर्शन बिना नहीं कटते,
दर्शन बिना नहीं कटते,
दिन ये हमारे,
ओ रे खाटु वाले खाटु बुलाले,
ओ रे खाटु वाले खाटु बुलाले।।

Singer & Writer – Gourav Dutt


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