मेरे श्याम की चौखट पे जो भी झुक जाता है भजन लिरिक्स

मेरे श्याम की चौखट पे,
जो भी झुक जाता है,
जो हार के आता है,
सांवरा उसे जिताता है,
उसका हो जाता है,
मेरे श्याम की चौंखट पे।।

तर्ज – जब हम जवां होंगे।



अपने भगत को,

हारने नहीं देता है,
हारे हुओ को,
बाहों मे भर लेता है,
जब कोई नहीं हो साथ,
साथ उसके हो जाता है,
ये उसे जिताता है,
मेरे श्याम की चौंखट पे।।



एक कदम जो,

श्याम की ओर बढ़ाओगे,
कदम कदम पर,
श्याम को साथ में पाओगे,
अपने प्रेमी को दुखी,
सांवरा देख ना पाता है,
ये उसे जिताता है,
मेरे श्याम की चौंखट पे।।



हारने नहीं देगा,

ये तुझको दावा है,
हर पल होगा साथ,
श्याम का वादा है,
‘राज मित्तल’ सांवरें को,
भावों से रिझाता है,
ये उसे जिताता है,
मेरे श्याम की चौंखट पे।।



मेरे श्याम की चौखट पे,

जो भी झुक जाता है,
जो हार के आता है,
सांवरा उसे जिताता है,
उसका हो जाता है,
मेरे श्याम की चौंखट पे।।

Singer – Aarti Sharma


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