हे मेरे सरताज मेरा तुमसे ही तो नाता है भजन लिरिक्स

हे मेरे सरताज मेरा,
तुमसे ही तो नाता है,
तू हर संकट में आता है,
हे मेरे सरताज।।

तर्ज – एक तेरा साथ।



ये कैसा रिश्ता है,

ओ मेरे साँवरे,
अनोखा प्यार है,
अजब सी ख़ुशी,
मन में समाई है,
ये कैसा बंधन है,
तू पकड़ ले हाथ,
तू पकड़ ले हाथ,
जग में साथ तुझको चलना है,
तू हर संकट में आता है,
हे मेरे सरताज।।



हर एक रिश्तो में,

तू ही समाया है,
सदा मेरे साथ है,
बेटा बना भाई,
नाई कसाई में,
तू ही साईं नाथ है,
तेरे मेरे बिच,
तेरे मेरे बिच प्रभु जी,
जनम जनम का नाता है,
तू हर संकट में आता है,
हे मेरे सरताज।।



स्वार्थ के मीत है,

स्वार्थ की प्रीत है,
स्वार्थ से जग बना,
तू एक ऐसा है,
जिसने न दुश्मन है,
नहीं कोई दोस्त बना,
जग में हर इंसान,
जग में हर इंसान,
विश्वास तेरा करता है,
तू हर संकट में आता है,
हे मेरे सरताज।।



तेरे साथ रहने का,

मन मेरा करता है,
ना जग मन भाता है,
‘इंदु’ के जीवन की,
बस एक तमन्ना है,
तुम्ही को पाना है,
जीवन भर मोल,
जीवन भर मोल,
तेरे नाम से चुकाना है,
तू हर संकट में आता है,
हे मेरे सरताज।।



हे मेरे सरताज मेरा,

तुमसे ही तो नाता है,
तू हर संकट में आता है,
हे मेरे सरताज।।


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