म्हारा भैरूजी की,
जल रही जगमग ज्योत,
जल रही जी जगमग ज्योत,
मन्दिर मे तो बाजा बाज रहया।।
है धणी म्हारा बाघेर माई,
पुजगी थांकी धाम,
पुजगी जी थाकी धाम,
बोरेया का भैरूजी कहाविया।।
है धणी थांका देवरां पे,
बोल्ये दादर मोर,
बोले जी दादर मोर,
मन्दिर मे तो बोले कोयलेया।।
है धणी म्हारा कलयुग मे,
पुजवागी थांकि धाम,
पुजवागी थाकी धाम,
बाघेर मे थाको देवरो।।
है धणी म्हारा रविवार ने,
आवे भक्त अपार,
आवे जी भक्त अपार,
भक्त का दुखडा मिटावजो।।
है धणी म्हारा आधलिया भी,
आवे थारे द्वार,
आवे जी थारे द्वार
आँधलिया ने आँख्या देवजो।।
है धणी म्हारा मधुबाला,
करे गुणगान,
दुर्गेश जी कि,
लज्जिया राख जो।।
म्हारा भैरूजी की,
जल रही जगमग ज्योत,
जल रही जी जगमग ज्योत,
मन्दिर मे तो बाजा बाज रहया।।
Singer – Madhubala Chouhan
Lyrics- Durgesh Katara
8769290858








