मेरे लाड़लो मेरी किरपा जो चाहो भजन लिरिक्स

मेरे लाड़लो मेरी किरपा जो चाहो,
बुरी आदते सारी,
बुरी आदते सारी मुझको दे जाओ,
मेरे लाडलो मेरी किरपा जो चाहो।।

तर्ज – नहीं चाहिए दिल दुखाना।



गुटखा बुरा है तम्बाखू को त्यागो,

सोए पड़े क्यों अरे अब तो जागो,
मेवे ना चाहूँ मैं,
मेवे ना चाहूँ मैं बुराई चढ़ाओ,
मेरे लाडलो मेरी किरपा जो चाहो।।



मदिरा ने लाखो जीवन बिगाड़े,

बुरी लत ने कितने घर है उजाड़े,
नशा मुक्त हो के,
नशा मुक्त हो के मुझे तुम दिखाओ,
मेरे लाडलो मेरी किरपा जो चाहो।।



कभी क्या ये सोचा विष तूने गल्टा,

परिवार तेरा तुझसे ही पलता,
उनके लिए खुद को,
उनके लिए खुद को जीना सिखाओ,
मेरे लाडलो मेरी किरपा जो चाहो।।



बुराई को छोड़ो तभी मैं मिलूंगा,

तेरे वास्ते मैं सब कुछ करूँगा,
अरे ‘हर्ष’ लायक,
अरे ‘हर्ष’ लायक बनके तो आओ,
Bhajan Diary Lyrics,
मेरे लाडलो मेरी किरपा जो चाहो।।



मेरे लाड़लो मेरी किरपा जो चाहो,

बुरी आदते सारी,
बुरी आदते सारी मुझको दे जाओ,
मेरे लाडलो मेरी किरपा जो चाहो।।

Singer – Atul Krishna (Vrindavan)


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