प्रथम पेज राजस्थानी भजन मेहर भयी आई मात री आई माता भजन लिरिक्स

मेहर भयी आई मात री आई माता भजन लिरिक्स

मेहर भयी आई मात री,
हैदराबाद में बडेर आईजी री,
चारों दिश मे है विख्यात,
मेहर भई आई मात री,
पारसीगुट्टा बडेर सोवनी,
लागे है आ स्वर्ग समान,
मेहर भई आई मात री।।



जीडीमेटला राधा कृष्ण संग,

बिराजे श्री आई मेरी मात,
मेहर भई आई मात री,
शमशाबाद बडेर सुहानी,
दर्शन करलो भगता आय,
मेहर भई आई मात री,
कोरूमुल्ला बडेर की महिमा,
गावे सगला सन्मुख आज,
मेहर भई आई मात री,
एल बी नगर ओर लिंगमपल्लि मे,
बडेर रो अब हो रही तैयार,
मेहर भई आई मात री।।



संगारेड्डी ओर मलापुर मे,

बडेर रो हो रयो ओतो काम,
मेहर भई आई मात री,
आईजी गौशाला घणी फुटरी,
गाया चर रही हरियो घास,
मेहर भई आई मात री,
गौ भगत गौ माँ री सेवा में,
लगीया रेवे दिन ने रात,
मेहर भई आई मात री,
आ गौशाला मनडो मोवे,
गौ भगतो रो हर्ष अपार,
मेहर भई आई मात री।।



इन गौशाला में आई अनुयायी,

खुलके करते गौ को दान,
मेहर भई आई मात री,
खेतल भेरू है अगवानी,
साथे बिराजे हनुमंत आज,
मेहर भई आई मात री,
लखन चौधरी गाँव बालासती,
आई माता रा गावे गुण गान,
मेहर भई आई माता की,
किशोर सुमन बिलाड़ा रा वासी,
आई माता रा गावे गुण गान,
मेहर भई आई मात री।।



मेहर भयी आई मात री,

हैदराबाद में बडेर आईजी री,
चारों दिश मे है विख्यात,
मेहर भई आई मात री,
पारसीगुट्टा बडेर सोवनी,
लागे है आ स्वर्ग समान,
मेहर भई आई मात री।।

लेखक – लखन चौधरी।
गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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