मंडफिया का पुजारी,
थोड़ा पट खोले,
दर्शण करता ही सांवरियो,
मुंडे बोले।।
गले मोत्या री माल,
काना कुंडल चमके,
वा वा रे सांवरिया,
थारों मुखड़ों मलके,
मंदिर में बैठ्यो सांवरियो,
मुंडे बोले।।
माथे मोर पंखुड़ो,
फूला ज्यु फुले,
वा वा रे सांवरियो सेठ,
जुला झूले,
मंदिर में बैठ्यो सांवरियो,
मुंडे बोले।।
सांवरिया रा नेण मीठी,
मिश्री घोलें,
म्हारो सेठ सांवरियो,
मासु मूंडे बोलें,
मंदिर में बैठ्यो सांवरियो,
मुंडे बोले।।
मुरली की धुन सु राधा जी,
हिवड़े डोले,
वा वा रे सांवरियो,
सेठ मुंडे बोले,
मंदिर में बैठ्यो सांवरियो,
मुंडे बोले।।
अंकित शर्मा सवारियां को,
भजन बोले,
भक्ता की किस्मत को सावरा,
तालो खोले,
अंकित की किस्मत को सावरा,
तालो खोले।।
मंडफिया का पुजारी,
थोड़ा पट खोले,
दर्शण करता ही सांवरियो,
मुंडे बोले।।
गायक – अंकित शर्मा।
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