माखन मेरा चुराया क्यों बोल कन्हैया भजन लिरिक्स

माखन मेरा चुराया,
क्यों बोल कन्हैया,
घर तू चोरी चोरी आया,
क्यों बोल कन्हैया,
माखन मेरा चूराया,
क्यों बोल कन्हैया।।

तर्ज – घर में पधारो।



छीका तोडा तूने मटका फोड़ा,

छीका तोडा तूने मटका फोड़ा,
क्यों मेरा छाछ ढुलकाया,
क्यों बोल कन्हैया,
माखन मेरा चूराया,
क्यों बोल कन्हैया।।



मैया से तेरी करुँगी शिकायत,

मैया से तेरी करुँगी शिकायत,
सखियों का चिर क्यों चुराया,
क्यों बोल कन्हैया,
माखन मेरा चूराया,
क्यों बोल कन्हैया।।



नंदबाबा से जा के कहूंगी,

नंदबाबा से जा के कहूंगी,
गव्वे चराने क्यों आया,
क्यों बोल कन्हैया,
माखन मेरा चूराया,
क्यों बोल कन्हैया।।



कान्हा बहाने लगे मोटे मोटे आंसू,

कान्हा बहाने लगे मोटे मोटे आंसू,
ग्वालों ने मुझे भड़काया,
क्यों बोल कन्हैया,
माखन मेरा चूराया,
क्यों बोल कन्हैया।।



माखन मेरा चुराया,

क्यों बोल कन्हैया,
घर तू चोरी चोरी आया,
क्यों बोल कन्हैया,
माखन मेरा चूराया,
क्यों बोल कन्हैया।।

Singer – Kanishka Ji


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