खाटू में तेरा द्वारा,
भक्तों को लगता प्यारा,
द्वारे पे आके बाबा,
बोले जो भी जयकारा,
दर पे जो आए सवाली,
भरता है झोली खाली,
मैं भी आऊंगा द्वारे,
दे जो सहारा,
खाटु में तेरा द्वारा,
भक्तों को लगता प्यारा।bd।
तर्ज – जा रे जा ओ हरजाई।
तेरे द्वार की महिमा भारी,
कहते सब नर नारी,
बाबा आऊंगा मैं भी तेरे द्वारे,
झोली भरना संकट हरना,
जाऊं मैं बलिहारी,
बोलूं जोर से जय जयकारे,
मेरी बिगड़ी बना,
भव से पार लगा,
देखे जमाना सारा,
तेरा नजारा,
खाटु में तेरा द्वारा,
भक्तों को लगता प्यारा।bd।
इस संसार में आकर बाबा,
तेरा गुण ना गाया,
तो फिर व्यर्थ है जीवन सारा,
ना ही तेरा दर्शन पाया,
ना ही शीश झुकाया,
तो फिर देगा कौन सहारा,
अब ना देर लगा,
आके दरस दिखा,
प्यासी अंखियों को मिल जाए,
तेरा नजारा,
खाटु में तेरा द्वारा,
भक्तों को लगता प्यारा।bd।
तू ही जग का पालनहारा,
भक्तों का रखवाला,
तू ही कलयुग का अवतारी,
पूजा करते भक्ति करते,
नाम तेरा ही रटते,
तू ही भक्तों का हितकारी,
मुझको अपना बना,
तेरा सेवक बना,
अंखियों से बरसे ‘अमन’ के,
असुवन की धारा,
खाटु में तेरा द्वारा,
भक्तों को लगता प्यारा।bd।
खाटू में तेरा द्वारा,
भक्तों को लगता प्यारा,
द्वारे पे आके बाबा,
बोले जो भी जयकारा,
दर पे जो आए सवाली,
भरता है झोली खाली,
मैं भी आऊंगा द्वारे,
दे जो सहारा,
खाटु में तेरा द्वारा,
भक्तों को लगता प्यारा।bd।








