कलयुग का राजा है खाटू का बाबा श्याम भजन लिरिक्स

कलयुग का राजा है खाटू का बाबा श्याम भजन लिरिक्स

कलयुग का राजा है,
खाटू का बाबा श्याम,
हारेगा ना वो जपेगा,
जो इनका नाम,
कलयुग का राजा हैं,
खाटू का बाबा श्याम।।

तर्ज – सांसो की माला पे सिमरु मैं।



दुनिया सताए बिन मतलब के,

कैसे रटूँ तेरा नाम,
मेरे मर्ज की दवा है,
बस इनका नाम,
कलयुग का राजा हैं,
खाटू का बाबा श्याम।।



हारो का ही साथ निभाते,

जितु भला क्यों मैं श्याम,
दर पे तुम्हारे जो हारा,
वही जिता श्याम,
कलयुग का राजा हैं,
खाटू का बाबा श्याम।।



खाटू नगरिया जो भी है आता,

बाबा का हो जाता है,
अच्छे करम मेरे होंगे,
मिला खाटू धाम,
कलयुग का राजा हैं,
खाटू का बाबा श्याम।।



जप ले ‘कन्हिया’ हो जा तू इनका,

डूबा भी तर जायेगा,
डूबे को हर बार तारे,
वो मेरा श्याम,
कलयुग का राजा हैं,
खाटू का बाबा श्याम।।



कलयुग का राजा है,

खाटू का बाबा श्याम,
हारेगा ना वो जपेगा,
जो इनका नाम,
कलयुग का राजा हैं,
खाटू का बाबा श्याम।।

स्वर – रामकुमार जी लक्खा।


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