मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
श्याम बरण रंग काला,
मंडफिया वाला जय हो,
मंडफिया वाला।।
थे कठे कमाबा जावो,
थे नोट गणा ही लावो,
नहीं थाके माथे आवे पसीनो,
अरे नहीं हाथ में छाला रे,
रे मण्डफिया वाला जय हो,
मण्डफिया वाला।।
थाको मोटो गणो कबाड़ों,
थे कठेक नाक्यो धाडो,
ग्वाल बाल बच्चों के खातिर,
तोड्या जम का ताला,
रे मण्डफिया वाला जय हो,
मण्डफिया वाला।।
थे छाने से ही जन्मया,
मथुरा में थाको नानेरो,
उग्रसेन थाके नाना लागे,
थे ही हो नंदलाला,
रे मण्डफिया वाला जय हो,
मण्डफिया वाला।।
थाके राधे जी रोटी पोवे,
रूकमण जी थाल परूसे,
जब जब भीड पडी भगतो में,
दोड गयो रे नंदलाला,
रे मण्डफिया वाला जय हो,
मण्डफिया वाला।।
सब सखियां मील हरी जस गावें,
थे श्याम ने रिजाओ,
चेनराम ने चरणा राखो,
फेरे थारी माला,
रे मण्डफिया वाला जय हो,
मण्डफिया वाला।।
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
श्याम बरण रंग काला,
मंडफिया वाला जय हो,
मंडफिया वाला।।
गायक – देव शर्मा आमा।
8290376657








