जसोलगढ़ में धाम आपरो थारी जय हो भटीयाणी माँ मै वारी जाऊ

जसोलगढ़ में धाम आपरो,
जसोल गढ मे धाम थारो,
थारी जय हो भटीयाणी माँ,
मै वारी जाऊ माजीसा,
थारी जय हो भटीयाणी माँ,
मै वारी जाऊ माजीसा।।



भाटी कुल मे उपन्या माँ,

भाटी कुल मे उपन्या माँ,
थे जोगीदा घर माय,
मै वारी जाऊ माजीसा,
थे जोगीदा घर माय,
मै वारी जाऊ माजीसा।।



रूप स्वरूप थारो नाम स्वरूपा,

रूप स्वरुप थारो नाम स्वरूपा,
माँ भटीयाणी कहलाय,
मै वारी जाऊ माजीसा,
माँ भटीयाणी कहलाय,
मै वारी जाऊ माजीसा।।



जसोल गढ मे धाम थारो माँ,

जसोल गढ मे धाम थारो माँ,
ज्यारी शोभा अपरमपार,
मै वारी जाऊ माजीसा,
ज्यारी शोभा अपरमपार,
मै वारी जाऊ माजीसा।।



चम चम चमके चुनडी माँ,

चम चम चमके चुनडी माँ,
थारे टिलडी सोहे भाल,
मै वारी जाऊ माजीसा,
थारे टिलडी सोहे भाल,
मै वारी जाऊ माजीसा।।



दूर देशारा आवे जातरी माँ,

दूर देशारा आवे जातरी माँ,
थारा दर्शन कर सुख पाय,
मै वारी जाऊ माजीसा,
थारा दर्शन कर सुख पाय,
मै वारी जाऊ माजीसा।।



मिन्दर बनीयो मोवनो माँ,

मिन्दर बनीयो मोवनो माँ,
थारी ध्वजा फरूके असमान,
मै वारी जाऊ माजीसा,
थारी ध्वजा फरूके असमान,
मै वारी जाऊ माजीसा।।



जसोलगढ़ में धाम आपरो,

जसोल गढ मे धाम थारो,
थारी जय हो भटीयाणी माँ,
मै वारी जाऊ माजीसा,
थारी जय हो भटीयाणी माँ,
मै वारी जाऊ माजीसा।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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