जय गणपति वंदना गणेश जी भजन लिरिक्स

जय गणपति है रम्ब गजानन,
गं गणपति गजमुख विघ्नेश्वर,
जय गणपति वंदना,
जय गणपति वँदना,
एक दंत गज कर्ण कहावै,
एक दंत गज कर्ण कहावै,
व्यास मुनि उनसे ही लिखावे,
व्यास मुनि उनसे ही लिखावे,
भष्म करो वासना,
जय गणपति वँदना,
जय गणपति वँदना।।



रिद्धि सिद्धि के नाथ निरंजन,

रिद्धि सिद्धि के नाथ निरंजन,
आप हो दाता पर दुःख भंजन,
आप हो दाता पर दुःख भंजन,
प्रथम पूजा सब काज सुधारे,
प्रथम पूजा सब काज सुधारे,
मंगलमय कामना,
जय गणपति वँदना,
जय गणपति वँदना।।



आप चतुर्भुज विघ्न विनाशक,

आप चतुर्भुज विघ्न विनाशक,
उमि आसुत हो हे गणनायक,
उमि आसुत हो हे गणनायक,
द्वादस नामा अति अभिरामा,
द्वादस नामा अति अभिरामा,
दस दिस है नामना,
जय गणपति वँदना,
जय गणपति वँदना।।



एक दंत गज कर्ण कहावै,

एक दंत गज कर्ण कहावै,
व्यास मुनि उनसे ही लीखावै,
व्यास मुनि उनसे ही लीखावै,
भष्म करो वासना,
जय गणपति वँदना,
जय गणपति वँदना।।



जय गणपति है रम्ब गजानन,

गं गणपति गजमुख विघ्नेश्वर,
जय गणपति वंदना,
जय गणपति वँदना,
एक दंत गज कर्ण कहावै,
एक दंत गज कर्ण कहावै,
व्यास मुनि उनसे ही लिखावे,
व्यास मुनि उनसे ही लिखावे,
भष्म करो वासना,
जय गणपति वँदना,
जय गणपति वँदना।।

गायक – हरिहरन।
प्रेषक – सत्यम सच्चिदानंद राठौर
8009835278


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