प्रथम पेज राजस्थानी भजन जैसल धाडवी कथा द्वितीय भाग

जैसल धाडवी कथा द्वितीय भाग

जैसल धाडवी कथा द्वितीय भाग,

हे थारोडो सायबो बता ओ तोला रानी,
थारोडो सायबो बता,
इनरे सायब मे म्हारो मन लागो,
राम अलख धणी,
इनरे सायब मे म्हारो मन लागो,
राम अलख धणी।।



हिरणा चरे वन माय ओ जैसल राजा,

हिरणा चरे वन माय ओ जैसल राजा,
इनरे हिरणा मे म्हारो सायबो,
राम अलख धणी,
इनरे हिरणा मे म्हारो सायबो,
राम अलख धणी,
हे हिरणा जोया वन माय ओ सती रानी,
हिरणा जोया वन माय,
इनरे हिरणा मे नही सायबो,
राम अलख धणी,
इनरे हिरणा मे नही सायबो,
राम अलख धणी।।



मोरला चुगे वन माय धाडेचा राजा,

मोरला चुगे वन माय,
इनरे मोरला मे म्हारो सायबो,
राम अलख धणी,
इनरे मोरला मे म्हारो सायबो,
राम अलख धणी,
हे मोरला जोया वन माय ओ तोला रानी,
मोरला जोया वन माय,
इनरे मोरला मे नही सायबो,
राम अलख धणी,
इनरे मोरला मे नही सायबो,
राम अलख धणी।।



पूरब पश्चिम रे माय धाडेचा राजा,

पूरब पशिचम रे माय,
पूरब पश्चिम सु सायबो आवसी,
राम अलख धणी,
पूरब पशिचम सु सायबो आवसी,
राम अलख धणी,
हे पूरब पशिचम रे माय ओ सती रानी,
पूरब पशिचम रे माय,
सायब आया ने जैसल पुगीया,
राम अलख धणी,
सायब आया ने जैसल पुगीया,
राम अलख धणी।।



कपडा धोवाने जाय ओ जैसल राजा,

कपडा धोवाने जाय,
सामी मिलीया भाई भाई पुचीयो,
राम अलख धणी,
सामी मिलीया भाई भाई,
पुचीयो राम अलख धणी,
हे कटाती लायो एक नार,
ओ धाडेचा राजा,
कटाती लायो एक नार,
जात पात री म्हाने खबर नही,
राम अलख धणी,
जात पात री म्हाने खबर नही,
राम अलख धणी।।



चाल्या दरिया रे माय ओ जैसल राजा,

चाल्या दरिया रे माय,
सती ऊबीया ने जैसल डूबीया,
राम अलख धणी,
सती ऊबीया ने जैसल डूबीया,
राम अलख धणी,
ओ सती रानी,
सायब आया ने जैसल ने तारीया,
राम अलख धणी।।



सायब थारोडो बता ओ तोला रानी,

थारोडो सायबो बता,
इनरे सायब मे म्हारो मन लागो,
राम अलख धणी,
इनरे सायब मे म्हारो मन लागो,
राम अलख धणी।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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