प्रथम पेज प्रकाश माली भजन गुरू वासुदेव जी को बार बार वन्दना भजन लिरिक्स

गुरू वासुदेव जी को बार बार वन्दना भजन लिरिक्स

गुरू वासुदेव जी को,
बार बार वन्दना,
बार बार वन्दना,
हजार बार वन्दना,
बार बार वन्दना,
हजार बार वन्दना,
गुरू वासुदेंव जी को,
बार बार वन्दना।।



भक्ति के सच्चे साधक आप कहावे,

भक्ति के सच्चे साधक आप कहावे,
दुखीयो को वासुदेवा राह दिखावे,
दुखीयो को वासुदेवा राह दिखावे,
ऐसे योगीराज को है,
बार बार वन्दना,
ऐसे योगीराज को है,
बार बार वन्दना,
गुरू वासुदेंव जी को,
बार बार वन्दना।।



नाथ निरंजन का ध्यान लगाया,

नाथ निरंजन का ध्यान लगाया,
अपने अंतर मे सच्चा ज्ञान जगाया,
अपने अंतर मे सच्चा ज्ञान जगाया,
ज्ञान के भण्डार को है,
बार बार वन्दना,
ज्ञान के भण्डार को है,
बार बार वन्दना,
गुरू वासुदेंव जी को,
बार बार वन्दना।।



जीवन में सुख को त्यागा बने वैरागी,

जीवन में सुख को त्यागा बने वैरागी,
मन की इच्छा है सारी पल में है त्यागी,
मन की इच्छा है सारी पल में है त्यागी,
त्याग प्रति मूर्ति को,
बार बार वन्दना,
त्याग प्रति मूर्ति को,
बार बार वन्दना,
गुरू वासुदेंव जी को,
बार बार वन्दना।।



चंडावल नगरी में है धाम तुम्हारा,

चंडावल नगरी में है धाम तुम्हारा,
दर्शन करने को आवे ये जग सारा,
दर्शन करने को आवे ये जग सारा,
ऐसे गुणवंत को है,
बार बार वन्दना,
ऐसे गुणवंत को है,
बार बार वन्दना,
गुरू वासुदेंव जी को,
बार बार वन्दना।।



दास सुरेश नित शिश नमावे,

दास सुरेश नित शिश नमावे,
गुरू के चरनो मे नित बलिहारी जावे,
गुरू के चरनो मे नित बलिहारी जावे,
भक्ति के आधार को है,
बार बार वन्दना,
भक्ति के आधार को है,
बार बार वन्दना,
गुरू वासुदेंव जी को,
बार बार वन्दना।।



गुरू वासुदेव जी को,

बार बार वन्दना,
बार बार वन्दना,
हजार बार वन्दना,
बार बार वन्दना,
हजार बार वन्दना,
गुरू वासुदेंव जी को,
बार बार वन्दना।।

गायक – प्रकाश मालीजी & कुशल बारठ।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


कोई टिप्पणी नही

आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें

error: कृपया प्ले स्टोर से \"भजन डायरी\" एप्प डाउनलोड करे।