हे शीश के दानी श्याम प्रभु तेरे दर की महिमा भारी है लिरिक्स

हे शीश के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है,
तेरे दर की महिमा भारी है,
जाने ये दुनिया सारी है,
हे शीष के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है।।



ना अहिलवती को वचन दिया,

हारे का हर दम साथ दिया,
जिसका कोई ना कलयुग में,
बाबुल बन उसको तार दिया,
हे शीष के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है।।



द्वापर में शीश का दान दिया,

जिनसे जो माँगा बाँट दिया,
जो शरण में तेरे है आया,
पल भर में भव से पार किया,
हे शीष के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है।।



नरसी चरणों में बैठ प्रभु,

तुझे दिल का हाथ सुनाते है,
इस दर पे ‘निखिल’ आने से,
संकट सारे कट जाते है,
हे शीष के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है।।



हे शीश के दानी श्याम प्रभु,

तेरे दर की महिमा भारी है,
तेरे दर की महिमा भारी है,
जाने ये दुनिया सारी है,
हे शीष के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है।।

Singer / Writer – Nikhil Goel


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें