हजारों जन्म जी गए,
जिते जिते,
भजो राम सीते,
भजो राम सीते।।
कमाए है लाखों,
कमाए करोड़ों,
कमाए है लाखों,
कमाए करोड़ों,
रहे अंत में हाथ,
रीते के रीते,
भजो राम सीते,
भजो राम सीते।।
तजेंगे तुझे,
एक दिन तेरे अपने,
तजेंगे तुझे,
एक दिन तेरे अपने,
अलग क्यों न होता,
चले तू अभी से,
भजो राम सीते,
भजो राम सीते।।
ना भूलो बिसारो,
हमारे हरि है,
ना भूलो बिसारो,
हमारे हरि है,
जनम पे जनम,
खो दिए तूने रीते,
भजो राम सीते,
भजो राम सीते।।
हजारों जन्म जी गए,
जिते जिते,
भजो राम सीते,
भजो राम सीते।।
स्वर – श्री धन्वंतरी दास जी महाराज।
प्रेषक – संजीव कुमार शर्मा।
9250887582
देखें – सीताराम कहो राधेश्याम कहो।








