बापजी गूगल धूप गाळे पर खेवा भोमियाजी की सायल

बापजी गूगल धूप,
गाळे पर खेवा हा,
परमल बास,
पियालों में जाय,
सायल सुणो,
ओ भोमिया राजा हा,
करूँ मैं आरती,
दोय कर जोड़,
सायल सुणो,
हिंदवाणी रा सूरज हे।।



बापजी ओ आचीणे,

उ चढ़िया भोमिया हा,
हे सोलह साँवत,
चढ़िया हैं लार,
सायल सुणो,
ओ भोमिया राजा हा।।



बापजी ओ हाथी री,

असवारी थोने सोवे हे,
कड़ियों कटारों,
हाथ माई शेल,
बापजी घोड़े री,
असवारी थोने सोवे,
करूँ मैं आरती,
दोय कर जोड़,
सायल सुणो,
हिंदवाणी रा सूरज हे।।



भळ हळ भालो,

सोवे थोरे हाथ,
बापजी ओ माही,
भादरवे मेळो भरीजै हे,
हे इण चवदस रो,
थपियो है धाम,
सायल सुणो,
ओ भोमिया राजा हा।।



बापजी नर नारी,

सेह जोड़े आवे हे
निवण करे ओ,
गाळे री धाम,
सायल सुणो,
ओ भोमिया राजा हा।।



बापजी चांदो जी बैठा,

सेवा रे माही बोले हे,
बुझियोडे दीये री थे,
लगाई दीवी लोय,
सायल सुणो,
ओ भोमिया राजा हा।।



रिखियो बैठो,

भजन माही बोले,
बुझियोडे दीये री थे,
लगाई दीवी लोय,
सायल सुणो,
ओ भोमिया राजा हा।।



बापजी गूगल धूप,

गाळे पर खेवा हा,
परमल बास,
पियालों में जाय,
सायल सुणो,
ओ भोमिया राजा हा,
करूँ मैं आरती,
दोय कर जोड़,
सायल सुणो,
हिंदवाणी रा सूरज हे।।

प्रेषक – रामेश्वर लाल पँवार।
आकाशवाणी सिंगर।
9785126052


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