गणपति के चरणों में ध्यान लगा ले रे भजन लिरिक्स

गणपति के चरणों में ध्यान लगा ले रे भजन लिरिक्स

गणपति के चरणों में,
ध्यान लगा ले रे,
रिद्धि और सिद्धि,
तुझे सब मिल जाए रे,
गणपति के चरणो में,
ध्यान लगा ले रे।।



प्रथम पूज्य तुम हो देवा,

करूँ नित्य तेरी सेवा,
मोदक भोग लगाना है,
बप्पा तुम्हे मनाना है,
नाचे और झूमे,
और तुम्हे मनाए रे,
गणपति के चरणो में,
ध्यान लगा ले रे।।



उत्सव तेरा मनाना है,

अपने घर में लाना है,
फूलो और कलियों से,
मंदिर तेरा सजाना है,
ढोलक और छेणा,
मृदंग बजाए रे,
गणपति के चरणो में,
ध्यान लगा ले रे।।



गौरा माँ के प्यारे है,

शिव के राज दुलारे है,
इस कलयुग में भक्तो के,
ये ही सच्चे सहारे है,
भव में हो नैया,
यही पार लगाए रे,
गणपति के चरणो में,
ध्यान लगा ले रे।।



इनकी शरण में आओगे,

सुख सम्रद्धि पाओगे,
भव सागर से तरना है,
इनका दर्शन करना है,
ज़िन्दगी में तेरे,
खुशियाँ भर जाए रे,
गणपति के चरणो में,
ध्यान लगा ले रे।।



गणपति के चरणों में,

ध्यान लगा ले रे,
रिद्धि और सिद्धि,
तुझे सब मिल जाए रे,
गणपति के चरणो में,
ध्यान लगा ले रे।।

गायक – राकेश काला जी।


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