चरणों में गुरुवर के प्रणाम करता हूँ भजन लिरिक्स

चरणों में गुरुवर के,
प्रणाम करता हूँ,
स्वीकार कीजिए,
दास की वंदना,
स्वीकार कीजिए,
दास की वंदना।।

तर्ज – ये रेशमी जुल्फें।



गुरुजी आप दयालु है,

दयावान है,
करते रहते सदा,
हम पे अहसान है,
भूल क्षमा कर देते है,
और अपनी शरण में लेते है,
स्वीकार कीजिए,
दास की वंदना,
स्वीकार कीजिए,
दास की वंदना।।



हम तो भटक रहे थे,

अंधकार में,
कोई मंज़िल नही थी,
संसार में,
प्रेम का दीपक जला दिया,
हमे धर्म का मार्ग दिखा दिया,
स्वीकार कीजिए,
दास की वंदना,
स्वीकार कीजिए,
दास की वंदना।।



अब तो मन में हमारे,

यही है लगन,
कर दे किरपा तो हो जाए,
श्याम मिलन
भक्ति का वर दे देना,
थोड़ी सी सिफारिश कर देना,
स्वीकार कीजिए,
दास की वंदना,
स्वीकार कीजिए,
दास की वंदना।।



झुककर चरणों में,

‘बिन्नू’ ये विनती करे,
गुरूजी हाथ दया का,
सिर पे धरे,
जीवन सफल हो जाएगा,
सौदा मेरा पट जाएगा,
Bhajan Diary Lyrics,
स्वीकार कीजिए,
दास की वंदना,
स्वीकार कीजिए,
दास की वंदना।।



चरणों में गुरुवर के,

प्रणाम करता हूँ,
स्वीकार कीजिए,
दास की वंदना,
स्वीकार कीजिए,
दास की वंदना।।

स्वर – मुकेश कुमार जी।