चलो मन वृन्दावन की ओर भजन लिरिक्स
चलो मन वृन्दावन की ओर, प्रेम का रस जहाँ छलके है, कृष्ण नाम से भोर, चलो मन वृंदावन की ओर।।...
Read moreDetailsचलो मन वृन्दावन की ओर, प्रेम का रस जहाँ छलके है, कृष्ण नाम से भोर, चलो मन वृंदावन की ओर।।...
Read moreDetailsजो प्रेम गली में आए नहीं, प्रियतम का ठिकाना क्या जाने, जिसने कभी प्रेम किया ही नहीं, वो प्रेम निभाना...
Read moreDetailsबीती जाए रे उमरिया, भजन बिना, हरि भजन बिना, प्रभु भजन बिना, बीती जाये रे उमरिया, भजन बिना।। बालापन खेलन...
Read moreDetailsवैदिक धर्म समर्पित आर्य कैसे होते हैं, लेखराम श्रद्धानन्द गुरुदत्त जैसे होते हैं।। तर्ज़ - नील गगन पर उड़ते बादल।...
Read moreDetailsहरी अनंत हरी कथा अनंता, प्रभु से साँचा प्रभु का नाम, सच्चे मन से नाम प्रभु का, जपलो पूरण होंगे...
Read moreDetailsएक तिनके के जैसा, बिखर जाएगा, पाप करते हो जिस, ज़िंदगी के लिए, शाम होते ही सूरज, भी ढल जाएगा,...
Read moreDetailsजगदिश के गुण को जिसने भी, अपने मुख से जो गाया है, क्या मांगु यह भी भूल गया, पाए का...
Read moreDetailsकोरोना की विदाई, तेरे घर रहने में है, तेरे अपनों की भलाई, तेरे घर रहने में है, कोरोना की विदाईं,...
Read moreDetailsसिया रानी का अचल सुहाग रहे, राजा राम के सिर पर ताज रहे, सिया रानी का अचल सुहाग रहें।। जब...
Read moreDetailsतू दयालु दीन हों, तू दानी हों भिखारी, हों प्रसिद्ध पातकी, तू पाप पुंज हारी, तू दयालु दीन हो।। नाथ...
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