जग का प्राणी नहीं दुःखी है हम भी दुःखी संसार में
एक दिन ब्रह्मा विष्णु शंकर, बैठे सोच विचार में, जग का प्राणी नहीं दुःखी है, हम भी दुःखी संसार में।।...
Read moreDetailsएक दिन ब्रह्मा विष्णु शंकर, बैठे सोच विचार में, जग का प्राणी नहीं दुःखी है, हम भी दुःखी संसार में।।...
Read moreDetailsबस इतना ही संग था, तुम्हारा हमारा, तुम्हारा हमारा, जाओ बेटी खुश रहना, ले लो आशीष हमारा, बस इतना हि...
Read moreDetailsकथा ये है महाराज मेरे की, हिन्द का अमर उजाला था, आन पे कर दिए प्राण न्योछावर, लहूँ में जिसके...
Read moreDetailsकर दो मुकदमा जारी, अदालत ना जेहै मुरारी।। तुमको ग्वालन हम जानत है, हम जानत है हम जानत है, अरे...
Read moreDetailsघनश्याम कहे या राम कहे, तुम रूप अनूप दिखाते हो, कब धनुष बाण धर आते हो, कब मुरली मधुर बजाते हो।।...
Read moreDetailsकैसा बदल रहा है, संसार देखिए, है झूठ से भरा हुआ, है झूठ से भरा हुआ, अखबार देखिए।। देखा उन्हें...
Read moreDetailsकाये जावे कोनऊ के द्वार में, तुमसे बड़ो को है संसार मे।। हमने सुनी मिलत बिन मांगे, तो काय फिरे...
Read moreDetailsबीरो सा आया भरण ने मायरो, मायरो मायरो, ओ सुनकर म्हारे मन की, करुण पुकार बीरो सा, आया भरण ने...
Read moreDetailsअमरकंठ से मैया, बनके धारा चली, भोलेनाथ की लली, जगत को तारने चली।bd। अमरकंट से चली भवानी, धोलागढ़ में आई,...
Read moreDetailsमत बहे मोह की धारा रे हंसा, मत बहें मोह की धारा, झूठो है संसारा रे हंसा, मत बहें मोह...
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