जय जय जालन्धर नाथ आपने बार बार बलिहारी
जय जय जालन्धर नाथ आपने, बार बार बलिहारी, महिमा है जग में भारी, महिमा है जग में भारी।। कनकाचल पर्वत...
Read moreDetailsजय जय जालन्धर नाथ आपने, बार बार बलिहारी, महिमा है जग में भारी, महिमा है जग में भारी।। कनकाचल पर्वत...
Read moreDetailsढोला रा बाजे ढमकार, सिरे मिन्दर चालो रे, लागो गुरू रो दरबार, सिरे मिन्दर चालो रे।। भंवर गुफा री महिमा...
Read moreDetailsथे मोटा दातार रामदेव, सारो जग बिख्यारी हैं, हाथ जोडकर धणीया थाने, चरना अरज ऊजारी है, जय हो बाबा जय...
Read moreDetailsपेड़ पकडने चढ म्हारा बीरा ओ, पेड पकडने चढ म्हारा बीरा ओ, जमको ने तू मती झेले ए, सत्य वचन...
Read moreDetailsसरवरिया री तीर खड़ी, आ नानी नीर बहावे है, जामण जाए वीर बिना कुण, भात भरण न आवे है।। एक...
Read moreDetailsमन तू अब तो समझ म्हारा भाई, बार बार समझाऊँ मारा मनवा, छोड़ दे पापा पाई।। इच्छा पाप ने परो...
Read moreDetailsअँखियाँ रा तारा म्हारा प्राण आधारा रे, आँखीया रा तारा म्हारा प्राण आधारा रे, म्हारे नैणा नाचे थारा उणियारा रे,...
Read moreDetailsपन्ना आंगनीया में, फूले दो दो फूलडा। दोहा - सूरज सिंह पन्ना पति, अंगरक्षक राणा साथ, पूर्ण भरोसो पावियो, महाराणा...
Read moreDetailsआन बान मर्यादा राखन, जीवन बनगो जंग रे, आन बान मर्यादा राखन, जीवन बनगो जंग रे, सांगा के सौ घाव...
Read moreDetailsए आयी तपते मझ दोपार, पन्ना की माता पन्ना की माता, करे गुजरी गढ के द्वार, अरज अन्नदाता, ए राणा...
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