ए आयी तपते मझ दोपार पन्ना की माता

ए आयी तपते मझ दोपार,
पन्ना की माता पन्ना की माता,
करे गुजरी गढ के द्वार,
अरज अन्नदाता,
ए राणा उठीया जठ संग्राम,
बाई ने बुलावो बाई ने बुलावो,
जावो सैनिक आदर साथ,
भवन में बुलावो,
जावो सैनिक आदर साथ,
भवन में बुलावो।।



ए आयी गुजरी महल रे माय,

अरज करे दाता अरज करे दाता,
आवे सेना ले सुल्तान,
मार्ग में गुजरता,
ए ज्यारा भेदीया ले रया भेद,
सुणी मे बाता सुणी मे बाता,
करसी सुतोडा पर वार,
बहादुरशाह राता,
करसी सुतोडा पर वार,
बहादुरशाह राता।।



ए राणा किणो जठ ऐलान,

फौज ने सजाई रे फौज ने सजाई,
सांगा सज धज होया तैयार,
मोर्चा पाई,
ए दिनी तुर्क फौज ने काट,
युद्ध रे माय युद्ध रे माय,
ए भाग्यो बहादुरशाह ले प्राण,
हार जंग माई,
ए भाग्यो बहादुरशाह ले प्राण,
हार जंग के माई।।



ए बाबर आयो बयाना पास,

राणा रा नैन राता रे राणा रा नैन राता,
ए सांगा चढीया दल बल साथ,
जावण उतरादा,
ए सांगा पन्ना ने बुलवाय,
उदय देवे हाथा उदय देवे हाथा,
ए पन्ना देश धरोहर जाण,
निभा लिजो नाता,
ए पन्ना देश धरोहर जाण,
निभा लिजो नाता,
ए पन्ना संग मे चन्दन पूत,
उदय ओर आयो उदयसिंह आयो,
पन्ना हिवडे ले लिपटाय,
जाण निज जायो,
ए सांगा लडत खानवा जंग,
बाबर आगे दिलीपत आगे,
ए बीते कई कई महिना साल,
बढन दे नी आगे,
ए बीते कई कई महिना साल,
बढन दे नी आगे।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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