लेऊं बालाजी का नाम चाहे कुनबा रूसो इब सारा

लेऊं बालाजी का नाम हो नाम,
चाहे कुनबा रूसो इब सारा,
लेउँ बालाजी का नाम हो नाम,
चाहे कुनबा रूसो इब सारा।।



दुनिया में धक्के भोत खा लिए,

पैसे घर ते भोत जा लिए,
जाऊंं मेहंदीपुर के धाम हो नाम,
चाहे कुनबा रूसो इब सारा,
लेउँ बालाजी का नाम हो नाम,
चाहे कुनबा रूसो इब सारा।।



लाग या घणी उलटी लायी,

मरघट मेंं जोत जलाई,
बाबा की जा क लाऊंगी जोत,
चाहे कुनबा रूसो इब सारा,
लेउँ बालाजी का नाम हो नाम,
चाहे कुनबा रूसो इब सारा।।



पीरा के घर में दिवे जलावं,

घर के पीतर खड़े लाखावं,
करूंं पीरांं ने बहार हो बहार,
चाहे कुनबा रूसो इब सारा,
लेउँ बालाजी का नाम हो नाम,
चाहे कुनबा रूसो इब सारा।।



किस्मत बालाजी के खुलेगी,

घर में दारु ना फेर चलेगी,
करूंगी सबका ईलाज हो ईलाज,
चाहे कुनबा रूसो इब सारा,
लेउँ बालाजी का नाम हो नाम,
चाहे कुनबा रूसो इब सारा।।



लेऊं बालाजी का नाम हो नाम,

चाहे कुनबा रूसो इब सारा,
लेउँ बालाजी का नाम हो नाम,
चाहे कुनबा रूसो इब सारा।।

गायक – अमन कौशिक जी।
प्रेषक – राकेश कुमार खरक जाटान(रोहतक)
9992976579


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